नई कर व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की आय पर शून्य आयकर

12 लाख रुपए तक की आय पर कोई आय कर देय नहीं होगा (वेतनभोगी कर दाताओं के लिए यह सीमा 75,000 की मानक कटौती के कारण 12.75 लाख रुपए होगी )

सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए आयकर स्लैबों और दरों में बदलाव

व्यवसाय करने की सुगमता के लिए कर सुधार-

29 अगस्‍त, 2024 को या उसके पश्‍चात् व्‍यक्तियों द्वारा राष्‍ट्रीय बचत स्‍कीम  से किए गए आहरणपर छूट प्रदान की जाएगी

निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए टैक्स सुधार

भारत में इलेक्ट्रॉनिकी विनिर्माण सुविधा की स्थापना या संचालन के व्यवसाय या उससे जुड़ी इलेक्ट्रानिक वस्तुओं, आर्टिकल या थिंग के विनिर्माण या उत्पादन की सुविधा में लगे अनिवासियों के लिए प्रकल्पित कराधान व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी

टीडीएस/टीसीएस को तर्कसंगत बनाया जाएगा

🔹वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्‍याज पर कर कटौती की सीमा 50,000 रुपये से दोगुनी बढ़ाकर 1 लाख रुपये की जा रही है।

🔹किराए पर टीडीएस के लिए वार्षिक सीमा 2.40 लाख से बढ़ाकर 6 लाख कर दी गई है

वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्‍साहित करना=

छोटे धर्मार्थ न्‍यासों/संस्‍थाओं की पंजीकरण अवधि को बढ़ाकर 5 वर्ष से 10 वर्ष करके ऐसी संस्‍थाओं के अनुपालन संबंधी बोझ को कम किया जाएगा

करदाता बिना किसी शर्त के अपने स्वामित्व वाली दो सम्‍पत्तियों के वार्षिक मूल्‍य का दावा कर सकते हैं

नया आयकर विधेयक पेश किया जाएगा

नया विधेयक अध्‍यायों और शब्‍दों दोनों की दृष्टि से वर्तमान विधि की अपेक्षा आधे से कम एवं पाठ रूप में सुस्‍पष्‍ट और प्रत्‍यक्ष होगा

यह करदाताओं और कर प्रशासन के लिए समझने में आसान होगा, जिससे कर सुनिश्चितता आएगी और मुकदमेंबाजी कम होगी