जीएसटी इनपुट – एक नया नियम 88D

जीएसटी इनपुट – एक नया नियम 88D: जीएसटी रिटर्न भरते समय अब आप ज्यादा सतर्क रहें सुधीर हालाखंडी इस समय आप अपना जुलाई माह का जीएसटीआर-1 भर रहे हैं और इसके बाद इसी माह की 20 तारीख को आप अपना जुलाई माह जीएसटीआर 3 बी भरने वाले हैं और इसमें आप अपने द्वारा एकत्र किये […]

जीएसटी इनपुट – एक नया नियम 88D: जीएसटी रिटर्न भरते समय अब आप ज्यादा सतर्क रहें सुधीर हालाखंडी

इस समय आप अपना जुलाई माह का जीएसटीआर-1 भर रहे हैं और इसके बाद इसी माह की 20 तारीख को आप अपना जुलाई माह जीएसटीआर 3 बी भरने वाले हैं और इसमें आप अपने द्वारा एकत्र किये गए टैक्स में से आपको मिलने वाली इनपुट को घटा कर अपने कर का भुगतान करेंगे. आपके विक्रेता जो अपना जीएसटीआर-1 भरते हैं उससे आपका जीएसटीआर 2 बी जेनरेट होता है जिसमें आपको मिलने वाली इनपुट का जिक्र होता है और उसी जीएसटीआर 2 बी में मिलने वाली इनपुट क्रेडिट नियमानुसार आप ले सकते हैं यदि आपके विक्रेता ने अपना रिटर्न समय पर नहीं भरा है या आपको यह क्रेडिट नहीं दी है अर्थात आपको बेचे गए माल या सेवा की सूचना जीएसटीआर-1 में नहीं दी है तो नियमानुसार आप इसे क्लेम नहीं कर सकते हैं. अब इस प्रक्रिया को बिलकुल स्पष्ट कर दिया गया है अर्थात यदि आप अपने जीएसटीआर 2 बी में आने वाली इनपुट क्रेडिट से अधिक जीएसटीआर 3 बी में क्लेम करते हैं तो क्या होगा ? आइये इसे एक नए रूल 88D के माध्यम से समझने का प्रयास करें :-

  1. यदि आप अपने जीएसटीआर 2 बी में दर्शाई गई इनपुट क्रेडिट से अधिक इनपुट क्रेडिट अपने जीएसटीआर 3 बी में ली है तो आपको सिस्टम से ही अपने आप एक नोटिस जेनरेट होगा और यही नोटिस आपके जीएएसटी नेटवर्क में दर्ज ई मेल पर भी आयेगा.
  2. आपको इस नोटिस का जवाब 7 दिनों में देना होगा और इसके लिए आपके पास दो ही विकल्प है या तो इस नोटिस का जवाब दें और दूसरा विकल्प यह है कि आप इस फर्क का भुगतान करना होगा. आपको इस इनपुट की क्रेडिट तभी मिलेगी जब कि आपका विक्रेता इसे अपने जीएसटीआर-1 में दिखाएगा और यदि इस माह जीएसटीआर-1 विक्रेता ने देरी से भरा है तो फिर आपको यह क्रेडिट अगले माह मिलेगी.
  3. अब आप यदि नोटिस जवाब नहीं देते हैं या इस तरह से अधिक क्लेम किये गए इनपुट को जमा नहीं करा देते हैं तो फिर आपका अगले माह का जीएसटीआर 1 नहीं भरने दिया जाएगा और आपके क्रेता भी इसी तरह संकट में पड़ जायेंगे जैसे ऊपर बताया गया है. इसकी व्यवस्था एक अलग से लागू नियम 59 (6) के द्वारा की गई है. इसी तरह से तिमाही रिटर्न भरने वाले डीलर्स की इनवॉइस पोर्टल पर चढाने की सुविधा भी रोक दी जायेगी.
  4. आपका जवाब यदि समुचित अधिकारी को उचित नहीं लगता है तो वह आपके विरुद्ध नियमानुसार जीएसटी की धारा 73 अथवा 74 के तहत कार्यवाही करेंगे और इसके लिए वे नोटिस जारी करेंगे.

अपना जीएसटीआर 3 बी भरते समय इस नए नियम का ध्यान रखें और आप यह भी ध्यान रखें कि आप अपना जीएसटीआर-1 भी समय पर भरें ताकि आपके क्रेताओं को भी इस तरह की विपरीत परिस्तिथियों का सामना ना करना पड़े. सुधीर हालाखंडी

GST By Sudhir Halakhandi

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