केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को घोषणा की कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) जल्द ही “ईपीएफओ 3.0 संस्करण” लॉन्च करेगा, जो ग्राहकों को कई अन्य नई सुविधाओं के साथ एटीएम से धन निकालने की अनुमति देगा।
आज शाम यहां ईपीएफओ के तेलंगाना आंचलिक कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय परिसर का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि ‘ईपीएफओ 3.0 संस्करण’ बैंकिंग प्रणाली के समतुल्य होगा।
उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में ईपीएफओ का 3.0 संस्करण आएगा। इसका मतलब है कि ईपीएफओ बैंक के बराबर हो जाएगा। जैसे बैंक में लेन-देन होता है, वैसे ही आपके (ईपीएफओ अंशधारकों) पास आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) होगा और आप अपना सारा काम कर सकेंगे।”
“न तो आपको ईपीएफओ कार्यालय जाना है और न ही नियोक्ता के पास जाना है। यह आपका पैसा है और आप इसे जब चाहें निकाल सकते हैं। अभी भी आपको ईपीएफओ कार्यालय जाने की जरूरत है। मैं आपसे वादा करता हूं कि आने वाले दिनों में आप जब चाहें एटीएम से अपना पैसा निकाल सकते हैं। हम ईपीएफओ में ऐसे सुधार कर रहे हैं।” मंडाविया ने गुजरात के नरोदा में क्षेत्रीय कार्यालय का वर्चुअल उद्घाटन किया और हरियाणा के गुरुग्राम में स्टाफ क्वार्टर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ईपीएफओ बदल रहा है और इसमें सुधार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिकायतें कम हो रही हैं और सेवाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ की प्रणाली और कार्यशैली में जन-हितैषी दृष्टिकोण के साथ बदलाव आया है।
उन्होंने आगे कहा कि ईपीएफओ प्लेटफॉर्म में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और उन्होंने लाभार्थियों के लिए किए गए सुधार उपायों में फंड ट्रांसफर, दावा हस्तांतरण और नाम (ग्राहकों के) में सुधार, किसी भी बैंक से पेंशन की निकासी का हवाला दिया।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने भी अपने विचार रखे।